बैबे😍

एक माँ ही वो जन्नत है .. जिसके लिए मरना नहीं पड़ता

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धुएंबाज

मुझे तो लगता है तेरी याद पे जिन्दा हूँ ..सांस लिए बगैर

तेरे बगैर ये हाल है जैसे परिन्दा अपने परों के बगैर😢

बुझे बुझे से रहे हम किसी को पाके भी.. ना पाई हमने रोशनी दिए जलाके भी.. ढली है वक्त की रफ्तार मेरी सांसों में.. बदल रहे हैं मेरे साथ रूख हवा के भी.. किसी को अपने गम ए दिल की खबर हो कैसे के हम तो जख्म छुपाते हैं मुस्कुराके भी .. महक उठा मेरे आंचल से खुशबू की तरह .. वो एक शख्स जिसे रखा छुपाके भी.. जवाब कोई फलक से भी अब नहीं आता किसी ने रोक लिए रास्ते दुआ के भी.. “अब तो वो दुआ भी कुबूल नहीं होती जिसमें तुझे मांगता हूँ तुझे पाने की तमन्ना दिन ब दिन जिन्दगी सरकती जा रही है मुट्ठी में कैद उस रेत की तरह जिसे हम हमेशा अपना मुकद्दर बनाना चाहते हैं मगर धीरे धीरे सरकती है कितने अफसोस की बात है ना के दिल नहीं लगता है किसी भी उस शख्स के बिना जिसे हम प्यार करते हैं बहोत सारे लोग हैं अपनी जिन्दगी को सच्चा साबित करने के लिए लफ्जों का सहारा लेते हैं मगर यहां देख मेरे पास ना लफ्ज है ना सच्चाई ना सहारा ये दीवाना तेरा अशीर नहीं है तू बन चुका है जो इंसान नाराज होकर कहीं चला जाए तो उसे लौटकर आना पड़ता है लेकिन अगर वो कहीं दूर चला गया है जहां से वापसी मुमकिन नहीं है तो फिर उसे कुछ नहीं कहा जा सकता और वो मेरे वास्ते खुदा आज दोस्तों में नहीं वो एक शख्स कुछ वक्त से राब्तों में नहीं .. अजीब रातें गुजरती है उसके बगैर शजर भी उदास है पंछी भी घोंसलों में नहीं.. मैं जाऊं कैसे लाश पे उसकी ए खुदा के कहे ना जमाना उसे के तेरा यार भी तो शामिल कातिलों में नहीं.. जो हमें छोड़के जाते ये सोचते क्यों नहीं के उनके पीछे कितनी बार कत्ल होना पड़ेगा बेबसी से पागल हो गया हूँ कुछ सोचता ही नहीं कोई गलती हुई हो तो माफ करना जानते है वापसी नहीं होगी मगर दिल को बहलाना भी तो है

बस यही चाहत है अब अगर मौत भी आए तो वक्त से पहले आए😢😭

🖋बाऊ जी🖋

Alone

क्या थी तेरी चाहत ये मुझे भी बताती
चीर के देते दिल तुझे इक आवाज तो उठाती

सूली

कभी जो मिलेगी मुझको किसी रास्ते कह दूंगा
तेरी यादों में जीया हूँ तेरी आंखों पे मरा हूँ !
यही एक अपनी किस्मत राह-ए-इश्क में यारों
कभी कांटों पे चला हूँ कभी सूली पे चढ़ा हूँ